कहाँ हैं तू …..
Posted by kketish on अप्रैल 16, 2011
मेरी सांसों में मेरी आँखों में,
मेरे गीतों में मेरे सुर में…
मेरी तन्हाई में मेरी जुदाई में…
मेरी पलकों में या मेरे रोम रोम में…
कहाँ हैं तू? जानू कहाँ हैं तू…..
चाहा तुझे इतना जानू की वादा हैं,
चाहेंगे सांसे खत्म होने के बाद भी…
ना छोड़ेंगे हाथ आपका इस जनम में…
ना ही छोड़ेंगे साथ आपका आने वाले हर एक जन्म में…..
लोग कहते हैं पीढियां दर पीढियां ख़त्म हो जाती हैं,
सात जन्मों में सिर्फ सात ही जन्मों में…
पर हम खाते हैं कसम से ना छुटा हैं ना छुटेगा…
प्यार हमारा आने वाले हर एक जनम में, आने वाले हर एक जनम में…..

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This entry was posted on अप्रैल 16, 2011 at 21:23 and is filed under Love, Poems.
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keturmeeshayari said
बहुत प्यारा लिखा है आपने दिल को हमारे छु गई आपकी ये कविता जनम पुराने दिनों में खो गए थे हम ये कविता को पढ़ के ऐ सनम.
love you janu.